जयपुर। आईपीएल 2026 (IPL 2026) का रोमांच चरम पर है और ‘पिंक सिटी’ की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स (RR) एक बार फिर चर्चा में है। अक्सर फैंस के मन में यह सवाल उठता है कि पहले सीजन की चैंपियन रही इस टीम का असली मालिक कौन है? क्या आज भी इसमें बॉलीवुड का पैसा लगा है या कमान पूरी तरह बदल चुकी है? आइए जानते हैं 2026 में राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक का पूरा गणित।
मनोज बडाले हैं सबसे बड़े हिस्सेदार
साल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की मूल कंपनी ‘रॉयल्स स्पोर्ट्स ग्रुप’ (Royals Sports Group) है। टीम के मुख्य मालिक और सबसे बड़े शेयरहोल्डर मनोज बडाले (Manoj Badale) हैं। बडाले ‘इमर्जिंग मीडिया’ (Emerging Media) के प्रमुख हैं और उनके पास टीम की करीब 65% से अधिक हिस्सेदारी है। वे 2008 में टीम की स्थापना के समय से ही इसके साथ जुड़े हुए हैं और टीम के हर बड़े फैसले में उनकी भूमिका निर्णायक होती है।
अमेरिकी कंपनी ‘रेडबर्ड’ की एंट्री
मनोज बडाले के अलावा, अमेरिकी निवेश फर्म रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर्स (RedBird Capital Partners) के पास भी राजस्थान रॉयल्स की करीब 15% हिस्सेदारी है। रेडबर्ड वही कंपनी है, जिसका निवेश इंग्लिश फुटबॉल क्लब लिवरपूल और अमेरिकन बेसबॉल टीम बोस्टन रेड सॉक्स में भी है। इसके अलावा, लचलान मुर्दोच (Lachlan Murdoch) भी टीम में एक माइनॉरिटी स्टेकहोल्डर (छोटा हिस्सा) रखते हैं।
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा का अध्याय खत्म
एक समय था जब राजस्थान रॉयल्स की पहचान बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा से होती थी। उन्होंने 2009 में टीम में 11.7% हिस्सेदारी खरीदी थी। हालांकि, 2013 के स्पॉट फिक्सिंग विवाद और उसके बाद हुए कानूनी घटनाक्रमों के बाद, 2015 में राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी थी। 2026 में इनका टीम के मालिकाना हक से कोई संबंध नहीं है।
शेन वॉर्न की विरासत
टीम के पहले कप्तान और मेंटर रहे दिवंगत शेन वॉर्न (Shane Warne) का भी टीम में बहुत छोटा हिस्सा (करीब 0.3%) था, जिसे फ्रेंचाइजी ने हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखा है। आज भी टीम उन्हें अपना ‘फर्स्ट रॉयल’ मानती है।
