जयपुर में ‘स्टोनमार्ट 2026’: माइंस पेवेलियन में दिखेगी राजस्थान के पत्थरों की विश्वस्तरीय चमक; राम मंदिर से ताजमहल तक में लगे पत्थरों का होगा अनूठा प्रदर्शन

जयपुर: राजस्थान अपनी वास्तुकला और पत्थरों के लिए पूरी दुनिया में पहचाना जाता है। इसी विरासत को वैश्विक मंच देने के लिए जयपुर में आयोजित ‘स्टोनमार्ट’ (StoneMart) पूरी तरह तैयार है। राज्य के खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग ने इस बार ‘माइंस पेवेलियन’ (Mines Pavilion) को बहुआयामी और बहुउपयोगी बनाने की विशेष तैयारी की है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने खनिज भवन में तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह पेवेलियन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देशी-विदेशी दर्शकों के लिए राजस्थान की खनिज संपदा का ‘एनसाइक्लोपीडिया’ साबित होना चाहिए।

40 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन: मार्बल से लेकर ग्रेनाइट तक की रेंज

इस बार स्टोनमार्ट में राजस्थान के गर्भ में छिपे अनमोल खजानों का दीदार होगा। माइंस और आरएसएमएम (RSMM) के पेवेलियन में 40 से अधिक प्रकार के डायमेंशनल स्टोन प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें विश्वविख्यात मकराना का सफेद मार्बल, अलग-अलग डिजाइन के रंगीन मार्बल, कोटा स्टोन और क्वार्टजाइट की विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी। ग्रेनाइट की भी कई वैरायटी जैसे हरा, काला, रोजी पिंक और सफेद ग्रेनाइट दर्शकों को आकर्षित करेंगे। इसका उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि राजस्थान में पत्थरों की कितनी विविधता मौजूद है।

राम मंदिर और ताजमहल की नींव में राजस्थान का पत्थर

इस प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण वे पत्थर होंगे जिन्होंने इतिहास और वर्तमान की सबसे भव्य इमारतों को आकार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण में जिस बंशी पहाड़पुर के सेंडस्टोन (Sandstone) का उपयोग हुआ है, उसे विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ताजमहल और संसद भवन सहित देश-विदेश की ख्यातनाम धरोहरों में लगे राजस्थान के पत्थरों की भी झलक यहाँ देखने को मिलेगी। सेंडस्टोन की ही आधा दर्जन से अधिक डिजाइन्स यहाँ शोकेस की जाएंगी।

जिज्ञासाओं का समाधान: केवल देखना नहीं, जानना भी होगा आसान

टी. रविकान्त ने निर्देश दिए हैं कि पेवेलियन में आने वाले खनन व्यवसायियों और आम लोगों की जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया जाए। नोडल अधिकारी अधीक्षण खनि अभियंता संजय सक्सेना और पेवेलियन प्रभारी एसएन डोडिया ने बताया कि यहाँ न केवल पत्थर प्रदर्शित होंगे, बल्कि यह जानकारी भी दी जाएगी कि प्रदेश के किस क्षेत्र में किस पत्थर का भंडार उपलब्ध है। आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल के अनुसार, आरएसएमएम द्वारा उत्पादित खनिजों को भी प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।

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