जयपुर: राजस्थान की उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश के विकास और महिला-बाल कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रविवार, 1 मार्च 2026 को जयपुर स्थित सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित बजट घोषणाओं की तत्काल क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा और निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जहाँ भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
आंगनबाड़ियों में विकसित होंगी मूलभूत सुविधाएं और पूरा होगा मरम्मत कार्य
उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, विद्युत कनेक्शन और शौचालय का तेजी से विकास किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों और महिलाओं के लिए ये सुविधाएं अनिवार्य हैं और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, इस वित्तीय वर्ष में स्वीकृत किए गए सभी मरम्मत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि आंगनबाड़ियों का बुनियादी ढांचा मजबूत और सुरक्षित हो सके।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा

बैठक के दौरान दिया कुमारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक राजस्थान राष्ट्रीय स्तर की तालिका में प्रथम तीन राज्यों में शुमार रहा है, जो विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मंत्री ने अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए निर्देश दिए कि योजना के सभी पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर उन्हें लाभ दिलाने के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए। उन्होंने अन्य विभागीय कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रेरणा अभियान 2.0 की सफलता और जून 2026 के लिए नए लक्ष्य
हाल ही में 19 जनवरी से 19 फरवरी 2026 तक प्रदेश में चलाए गए ‘प्रेरणा अभियान 2.0’ की प्रगति पर उप मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। इस अभियान के दौरान पोषण ट्रैकर पर 2,47,114 नए लाभार्थियों का जुड़ना एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। दिया कुमारी ने अब जून 2026 तक के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिए कि पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत 75% लाभार्थियों की आभा (ABHA) आईडी और 50% लाभार्थियों की अपार (APAAR) आईडी दर्ज की जाए। इसके लिए उन्होंने विशेष रणनीति तैयार कर ‘एक जिला एक टास्क’ के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
