रामगंजमंडी: कोटा ग्रामीण के रामगंजमंडी पुलिस सर्किल (वृत्त) के लिए वर्ष 2025 कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिहाज से बेहद सफल रहा है। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) घनश्याम मीणा ने सर्किल के चारों थानों—रामगंजमंडी, सुकेत, मोदक और चेचट का सालाना रिपोर्ट कार्ड जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक, गत वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में न केवल आपराधिक मुकदमों में भारी कमी आई है, बल्कि पुलिस ने प्रो-एक्टिव पुलिसिंग करते हुए निरोधात्मक कार्रवाई में भी बढ़ोतरी की है। डीएसपी मीणा ने बताया कि पुलिस का ध्येय ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर’ कायम करना रहा, जिसमें वे काफी हद तक सफल रहे।
आंकड़ों में पुलिस की सफलता: मुकदमों में भारी गिरावट
डीएसपी घनश्याम मीणा ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पूर्व की आईपीसी के तहत दर्ज मुकदमों में इस साल उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां 635 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर महज 475 रह गई। इसके विपरीत, पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विभिन्न विशेष अधिनियमों (Acts) के तहत अपनी कार्रवाई तेज की। वर्ष 2024 में अधिनियमों के तहत 779 प्रकरण दर्ज किए गए थे, जबकि 2025 में पुलिस ने ज्यादा मुस्तैदी दिखाते हुए 784 मुकदमे दर्ज कर असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसा।
चोरी-लूट में कमी और रिकवरी में बढ़ोतरी
सर्किल क्षेत्र में चोरी और लूट जैसी संपत्ति संबंधी वारदातों में कमी आई है। पुलिस ने न केवल अपराधों को रोका, बल्कि जो घटनाएं हुईं, उनमें बरामदगी (Recovery) का प्रतिशत भी बढ़ाया है। पुलिस ने खोए हुए मोबाइलों को ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाया और हार्डकोर क्रिमिनल्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा। जांच कार्यों में तेजी लाते हुए समय पर अदालतों में आरोप पत्र (Charge Sheet) पेश किए गए, जिससे अपराधियों को सजा मिल सकी।
दरा के जंगल और महाकुंभ में यातायात प्रबंधन रहा मिसाल
वर्ष 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में यातायात प्रबंधन रहा। डीएसपी मीणा ने बताया कि महाकुंभ स्नान के दौरान दरा के जंगलों और हाइवे पर वाहनों का भारी दबाव था। सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मुस्तैदी से काम किया और जाम नहीं लगने दिया। इसके अलावा, पूरे साल शराब पीकर वाहन चलाने वालों और हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों की संख्या में कमी आई है।
महिला सुरक्षा और जन-संवाद पर फोकस
रिपोर्ट के अनुसार, महिला और कमजोर वर्गों के प्रति होने वाले अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं को ‘आत्मरक्षा’ और ‘सड़क सुरक्षा’ के पाठ पढ़ाए, साथ ही साइबर क्राइम को लेकर जागरुकता अभियान चलाया। वीआईपी मूवमेंट, मेलों, त्योहारों और जुलूसों के दौरान शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम रही। डीएसपी ने इस सफलता का श्रेय पुलिस और जनता के बेहतर समन्वय को दिया। सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों, सुरक्षा सखियों और ग्राम रक्षक दल के साथ लगातार संवाद बनाए रखने से इलाके में शांति बनी रही।
