जयपुर: राजस्थान में खेती-किसानी को हाईटेक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026’ को लेकर राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि इस महाकुंभ का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पहुंचना चाहिए।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सीएम ने 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से प्रदेशभर में गिरदावर सर्किल स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का ऐलान किया है।
22 जनवरी को विशेष ग्राम सभा, 23 से शुरू होंगे शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंत पंचमी का दिन किसानों के लिए समृद्धि का प्रतीक है। इसलिए अभियान की शुरुआत इसी शुभ दिन से होगी।
- जागरूकता: शिविरों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए 22 जनवरी को सभी ग्राम पंचायतों में ‘विशेष ग्राम सभा’ का आयोजन किया जाएगा।
- शिविरों का शेड्यूल: गिरदावर सर्किल स्तर पर ये शिविर 23, 24, 25 व 31 जनवरी और 1, 5, 6, 7 व 9 फरवरी को आयोजित किए जाएंगे।
शिविरों में ‘ऑन-द-स्पॉट’ मिलेंगी ये सुविधाएं
इन शिविरों में किसानों और पशुपालकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और मौके पर ही कई योजनाओं का लाभ दिया जाएगा:
- विकास कार्य: ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम-2025’ (वीबी-जी राम जी) के तहत गांवों के विकास प्रस्ताव लिए जाएंगे।
- कृषि दस्तावेज: मौके पर ही सॉइल हेल्थ कार्ड (Soil Health Card) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाएंगे।
- पशुपालन: ‘मंगला पशु बीमा योजना’ की पॉलिसी का वितरण, पशु टीकाकरण और डेयरी से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।
- अन्य लाभ: पॉलीहाउस के लिए स्वीकृति, मत्स्य पालन और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा।
जयपुर में जुटेंगे दुनियाभर के कृषि विशेषज्ञ
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ग्राम-2026’ केवल एक मेला नहीं, बल्कि तकनीक साझा करने का मंच होगा। इसमें देश-विदेश के प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
- इजरायल और अन्य देशों की तर्ज पर जल प्रबंधन (Water Management) और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) की तकनीक सिखाई जाएगी।
- कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों को इस वैश्विक मंच पर सम्मानित भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों के सफल आयोजन के लिए कृषि, पशुपालन, सहकारिता और सिंचाई विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें।
