चिट्ठी वाले हनुमान जी: जयपुर का वो चमत्कारी मंदिर जहाँ ‘पत्र’ लिखने से पूरी होती है हर मुराद, जानें रहस्य

Ai Generated Image

(धर्म डेस्क/जयपुर): डिजिटल युग में जहां संदेश भेजने के लिए ईमेल और व्हाट्सएप का सहारा लिया जाता है, वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक ऐसा दरबार है, जहां आज भी ‘चिट्ठियों’ का चलन है। फर्क सिर्फ इतना है कि ये चिट्ठियां किसी इंसान को नहीं, बल्कि स्वयं पवनपुत्र हनुमान जी को लिखी जाती हैं। हम बात कर रहे हैं जयपुर के प्रसिद्ध ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ (Chitti Wale Hanuman Ji) मंदिर की।

चिट्ठी वाले हनुमानजी मंदिर जयपुर

जयपुर-सीकर रोड पर स्थित यह मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए देशभर में विख्यात है। मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्त अपनी समस्या बोलकर नहीं, बल्कि एक कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं, और बजरंगबली उनकी पुकार सुन लेते हैं।

बोलकर नहीं, लिखकर लगती है अर्जी इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की ‘अर्जी’ लगाने की प्रक्रिया है। आमतौर पर मंदिरों में भक्त हाथ जोड़कर बुदबुदाते हुए अपनी मन्नत मांगते हैं, लेकिन यहाँ भक्त घर से ही एक कोरे कागज पर अपनी समस्या या मनोकामना लिखकर लाते हैं। भक्त इस पत्र को मंदिर के पुजारी को सौंप देते हैं। पुजारी उस पत्र को हनुमान जी की मूर्ति के चरणों में रख देते हैं। स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है कि हनुमान जी इन चिट्ठियों को पढ़ते हैं और भक्तों के दुख-दर्द दूर करते हैं।

शादी-ब्याह से लेकर कोर्ट-कचहरी तक की समस्याएं मंदिर में आने वाली चिट्ठियों में तरह-तरह की समस्याएं होती हैं। कोई अपनी बीमारी ठीक होने की गुहार लगाता है, तो कोई कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्ति के लिए अर्जी लगाता है। युवाओं में नौकरी और शादी की अर्जी लगाने का भी यहाँ खासा रुझान है।

मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है। कई भक्त तो ऐसे भी हैं जो दूर-दराज के शहरों से डाक (Post) के जरिए अपनी चिट्ठी यहाँ भेजते हैं और पुजारी जी उसे भगवान के चरणों में रख देते हैं।

कहां स्थित है यह मंदिर? ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ का यह मंदिर जयपुर शहर से कुछ दूरी पर चौमूं-सामोद मार्ग (Sikar Road) पर स्थित है। यह मंदिर सामोद के प्रसिद्ध वीर हनुमान जी मंदिर जाने वाले रास्ते पर ही पड़ता है। मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहाँ पहुंचना बेहद आसान है।

प्राचीन है प्रतिमा और आस्था कहा जाता है कि यह स्थान काफी प्राचीन है। भक्तों का मानना है कि यहाँ हनुमान जी जाग्रत अवस्था में हैं। जिस तरह एक राजा अपने प्रजा की लिखित शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करता है, उसी तरह यहाँ के हनुमान जी भी लिखित अर्जी पर शीघ्र प्रसन्न होकर फल प्रदान करते हैं।

अगर आप भी जयपुर जा रहे हैं और मन में कोई मुराद है जिसे पूरा करना चाहते हैं, तो एक कागज और कलम साथ ले जाना न भूलें, क्योंकि यहाँ भगवान ‘चिट्ठी’ का इंतजार करते हैं।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। आज की राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारतदुनिया की हर बड़ी खबर!

Share This Article