जयपुर: राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) इंडोर स्टेडियम में आज उत्साह, उमंग और देशभक्ति के जज्बे के साथ ‘सांसद खेल महोत्सव-2025’ का भव्य समापन हुआ। इस महाकुंभ का समापन समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव बन गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर दी।
पीएम मोदी का वर्चुअल संदेश और सीएम का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खिलाड़ियों से वर्चुअली संवाद किया। उन्होंने अपने संबोधन में खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को “फिट इंडिया–हिट इंडिया” और “खेलोगे तो खिलोगे” का मंत्र दिया।

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सीएम ने क्रिकेट प्रतियोगिता की विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर पुरस्कार वितरण की शुरुआत की।
देशभक्ति के तरानों पर थिरकीं सांसद समापन समारोह में सुविख्यात गायक रविन्द्र उपाध्याय ने अपनी जोशीली आवाज और देशभक्ति गीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा स्टेडियम झूम उठा। इस दौरान एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब जयपुर सांसद मंजू शर्मा खुद को रोक नहीं पाईं और बच्चों के साथ संगीत की धुनों पर थिरकती नजर आईं।
विधायकों ने किया सम्मान समारोह में विधायक कैलाश वर्मा, गोपाल शर्मा, बालमुकुंदाचार्य, विधायक प्रत्याशी रवि नैयर और चंद्रमोहन बटवारा ने विभिन्न खेलों के विजेताओं और उपविजेताओं को ट्रॉफियां और पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

“यह प्रतियोगिता नहीं, जनांदोलन है”: सांसद मंजू शर्मा कार्यक्रम की आयोजक और जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि यह महोत्सव अब केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक जनांदोलन बन गया है। उन्होंने कहा, “यह महोत्सव युवाओं को नई दिशा देने और छिपी हुई प्रतिभाओं को तलाशने की एक सार्थक पहल है। 11 वर्ष के बच्चों से लेकर 60 वर्ष तक के बुजुर्गों ने इसमें भाग लेकर साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।”
देसी खेलों का रहा बोलबाला इस महोत्सव में कुल 27 खेलों का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इसमें आधुनिक खेलों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति से जुड़े पारंपरिक खेलों को विशेष स्थान दिया गया।
- मलखंब
- मटका दौड़
- नींबू-चम्मच दौड़
- सतोलिया
- रस्साकशी
- खो-खो
सांसद ने कहा कि इन लोक खेलों ने सिद्ध कर दिया है कि हमारी परंपराएं आज भी जीवंत हैं।
शहर भर के मैदानों में गूंजा शोर खेल महोत्सव के दौरान जयपुर के चौगान स्टेडियम, गणपति नगर रेलवे स्टेडियम, एसएमएस स्टेडियम, राजस्थान विश्वविद्यालय खेल मैदान, सांगानेर स्टेडियम, भवानी निकेतन, और बगरू की सेंचुरी स्पोर्ट्स अकादमी सहित जानकी देवी स्कूल के मैदानों में रोमांचक मुकाबले खेले गए।
