सीकर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जयपुर की टीम ने शनिवार को सीकर जिले के कल्याण सर्किल पर स्थित अशोका होटल में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हेड कॉन्स्टेबल उत्तम पांडे को 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल पीड़ित को डरा-धमकाकर मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल, एसीबी की टीम आरोपी से गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है और उसके आवास व अन्य ठिकानों पर भी सर्च की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
CA को ‘आरोपी’ बनाने की धमकी देकर मांगे थे 15 लाख
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले का पीड़ित पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल उत्तम पांडे उसे पिछले काफी समय से धमका रहा था। वह खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताकर पीड़ित पर दबाव बना रहा था कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो उसे किसी केस में आरोपी बना दिया जाएगा। अपनी गर्दन फंसती देख पीड़ित ने मजबूरी में 2 लाख रुपये की पहली किश्त पहले ही दे दी थी, लेकिन आरोपी का लालच बढ़ता गया और उसने कुल 15 लाख रुपये की डिमांड की।
एसीबी ने बिछाया जाल: 11 लाख के डमी नोटों ने फंसाया
आरोपी की लगातार धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने जयपुर एसीबी में इसकी शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक फूलप्रूफ प्लान तैयार किया। शनिवार को जब हेड कॉन्स्टेबल बाकी के 13 लाख रुपये लेने सीकर पहुंचा, तो एसीबी ने पीड़ित को 11 लाख रुपये के डमी नोट और 2 लाख रुपये असली दिए। जैसे ही होटल के बाहर आरोपी ने रिश्वत की यह रकम पकड़ी और अंदर जाने लगा, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने खुद के रसूख का गलत इस्तेमाल करते हुए एक आम नागरिक को प्रताड़ित किया। इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी विभाग के कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में विभाग के कुछ और लोग भी शामिल हैं या आरोपी अकेले ही ठगी और वसूली के इस खेल को अंजाम दे रहा था।
