जयपुर: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) के निर्देशन में चिकित्सा विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। योजना में अनियमितताएं बरतने वाले डॉक्टरों और अस्पतालों पर कार्रवाई के बाद अब विभाग ने 8 और कार्मिकों (नर्सिंग ऑफिसर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्यों हुई कार्रवाई? प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन 8 कार्मिकों ने आरजीएचएस योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं, कार्ड और राजकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। यह कृत्य सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
निलंबित होने वाले 8 कार्मिकों की लिस्ट: इस बार की कार्रवाई में सबसे ज्यादा गाज भरतपुर जिले के कार्मिकों पर गिरी है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में शामिल हैं:
- सौरभ कुमार रावत: नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर।
- सुरेश चंद गुप्ता: नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर।
- सत्यप्रकाश छावड़ी: नर्सिंग ऑफिसर, जिला चिकित्सालय बयाना, भरतपुर।
- मीना कुमारी चौधरी: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), उप स्वास्थ्य केन्द्र खुडासा, भरतपुर।
- किशन देई: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र कुचावटी, जिला डीग।
- मंजू कुमारी: सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, उप स्वास्थ्य केन्द्र नगला माय, जिला भरतपुर।
- अनुपमा: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उच्चैन, भरतपुर।
- तुलसी देवी: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र हनुमानपुरा, जिला फलौदी।
अब तक का एक्शन रिपोर्ट कार्ड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अब तक के आंकड़े बताते हैं कि विभाग पूरी सख्ती के मूड में है:
- कुल FIR: 19 (अनियमितताओं के मामलों में)।
- रिकवरी: अस्पतालों, फार्मेसी और अन्य हितधारकों से करीब 39 करोड़ रुपये वसूले गए हैं।
- पूर्व कार्रवाई: इससे पहले 7 चिकित्सकों को निलंबित किया गया था और एक अस्पताल व डायग्नोस्टिक सेंटर पर FIR दर्ज हुई थी।
