राजस्थान के शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश में पूरे दस साल बाद सरकारी स्कूलों का समय और सत्र बदला जा रहा है। अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल 1 जुलाई के बजाय 1 अप्रैल से ही खुल जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना था कि सरकारी स्कूलों का नया सत्र जुलाई में शुरू होने तक तीन महीने का बहुमूल्य समय बीत चुका होता था, जिसका फायदा उठाकर निजी स्कूल पहले ही नए नामांकन (Admissions) कर लेते थे। अब इस नए बदलाव से सरकारी और निजी स्कूलों के समय में एकरूपता आएगी।
नया शेड्यूल: 15 मई तक पढ़ाई और फिर ग्रीष्मकालीन अवकाश
नए शेड्यूल के अनुसार, 1 अप्रैल से स्कूल खुलने के बाद 15 मई तक नियमित पढ़ाई होगी और इसी दौरान बच्चों का पहला टेस्ट भी पूरा करवा लिया जाएगा। इसके बाद 16 मई से 20 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा। गर्मियों की छुट्टियों के बाद 21 जून से स्कूलों का संचालन फिर से विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले तक 17 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता था और 1 जुलाई से ही नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होता था।
सत्र शुरू होने से पहले पहुंचेंगी निशुल्क किताबें
इस नए सत्र की एक और खास बात यह है कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली निशुल्क किताबें सत्र शुरू होने से पहले ही उन तक पहुंच जाएंगी। शिक्षा विभाग ने हर जिले में पाठ्यपुस्तकें भिजवाने के पहले चरण का टाइमफ्रेम तय कर लिया है। विभाग की ओर से 25 मार्च तक प्रदेश के सभी जिलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी। इससे प्रदेश के 70 हजार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 70 लाख विद्यार्थियों को सीधा और समय पर फायदा मिलेगा।
शिक्षक संगठनों ने की फैसले की सराहना, बढ़ेगा नामांकन
राज्य सरकार के इस अहम फैसले की शिक्षक संगठनों ने भी जमकर सराहना की है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने कहा कि 1 अप्रैल से सरकारी स्कूल खोलने का सरकार का निर्णय बहुत ही अच्छा और सराहनीय है। उनका मानना है कि जो नवप्रवेशित बच्चे पहले समय के अभाव में निजी स्कूलों में प्रवेश ले लेते थे, उन्हें अब सरकारी स्कूलों में भी प्रवेश का पूरा मौका मिलेगा। निश्चित रूप से इस पहल से सरकारी स्कूलों में नामांकन का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा।
