राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास और शिक्षा को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में एक ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ (School on Wheels) स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान रविवार को जयपुर के अंबाबाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर के सभागार में आयोजित एक महासम्मेलन को संबोधित करते हुए किया।
बजट 2026-27 की ‘राज पहल’: शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा कोई बच्चा
सीएम भजनलाल ने बताया कि बजट वर्ष 2026-27 में इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘राज पहल’ कार्यक्रम शुरू किया गया है।
- इस अभिनव पहल के प्रथम चरण में राज्य के हर जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ की स्थापना होगी।
- प्रवास और पलायन से प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए अस्थायी शिक्षा शिविर लगाए जाएंगे।
- शैक्षिक संभागों में 6 महीने के ‘स्कूल रेडिनेस कैम्प’ (School Readiness Camp) आयोजित किए जाएंगे।
- इन कदमों से उन बच्चों तक शिक्षा की पहुंच आसान होगी, जो लगातार प्रवास के कारण नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा पाते हैं।
आवासीय पट्टे और छात्रावास की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विमुक्त और घुमन्तु समुदायों के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है। इन परिवारों को स्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने आवासीय पट्टे वितरित किए हैं। इसके साथ ही, इन परिवारों के बच्चों की बेहतर शिक्षा और रहने के लिए विशेष छात्रावास की व्यवस्था भी की गई है।
‘घुमन्तु समुदाय हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़’
इस महासम्मेलन में सीएम ने समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि घुमन्तु समुदाय ने विदेशी आक्रांताओं से लोहा लिया और देश की संस्कृति को बचाए रखा। उन्होंने कहा कि इस समुदाय की लोहा-शिल्प कला पूरी दुनिया में प्रख्यात है। वहीं, बंजारा समुदाय का व्यापारिक कौशल भारतीय व्यापार-मार्गों की हमेशा से रीढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान को सम्मान दिलाएं और प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
