जैसलमेर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20485/20486) का विस्तार जैसलमेर तक करने की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 5 मार्च को यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार व्यक्त किया। शेखावत ने बताया कि उनके विशेष आग्रह पर रेल मंत्रालय ने इस विस्तार को मंजूरी दी है, जिससे अब जैसलमेर सीधे गुजरात के साबरमती से रेल मार्ग द्वारा बेहतर ढंग से जुड़ सकेगा।
यात्रियों और व्यापारियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
केंद्रीय मंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस ट्रेन के विस्तार से जैसलमेर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों के लिए सफर सुगम हो जाएगा। विशेष रूप से स्थानीय व्यापारियों के लिए माल की आवाजाही और व्यापारिक संपर्कों में तेजी आएगी। शेखावत के अनुसार, यह निर्णय क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही एक प्रमुख मांग को पूरा करने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जिससे आम जनमानस को परिवहन की नई और सुविधाजनक वैकल्पिक व्यवस्था प्राप्त होगी।
पर्यटन क्षेत्र में ‘बूस्ट’ की उम्मीद
जैसलमेर अपनी ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन के लिए दुनिया भर में मशहूर है। शेखावत ने जोर देकर कहा कि रेल सुविधाओं के इस विस्तार से पर्यटन क्षेत्र को भी जबरदस्त सहयोग मिलेगा। साबरमती से सीधे जुड़ाव होने के कारण गुजरात और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की प्रबल संभावना है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल व्यवसाय और हस्तशिल्प उद्योग को मिलेगा। पर्यटन मंत्री ने इसे जैसलमेर के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया है।
प्रधानमंत्री की कनेक्टिविटी नीति का हिस्सा
गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बेहतर कनेक्टिविटी’ नीति को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार रेल सुविधाओं को मजबूत करने और दूर-दराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों को अधिक आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रेल मंत्रालय निरंतर कार्य कर रहा है, और जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस का यह विस्तार इसी विजन का एक हिस्सा है, जो मरुधरा की प्रगति में सहायक सिद्ध होगा।
