अमायरा की मौत, सजा सिर्फ सॉरी: CBSE ने बहाल की 9वीं-10वीं की मान्यता, विद्यार्थियों को बड़ी राहत

जयपुर: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर 2025 को हुई चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल प्रबंधन की तरफ से ‘गहरा खेद’ जताने यानी सिर्फ ‘सॉरी’ बोलने पर बड़ी राहत देते हुए 9वीं और 10वीं कक्षा की मान्यता बहाल कर दी है। ज्ञात हो कि बोर्ड ने 30 दिसंबर को सख्त कदम उठाते हुए स्कूल की 9वीं से 12वीं तक की मान्यता रद्द कर दी थी, लेकिन अब उस आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है।

11वीं और 12वीं की मान्यता दो साल के लिए रहेगी रद्द

भले ही 9वीं और 10वीं को राहत मिल गई हो, लेकिन स्कूल के वरिष्ठ माध्यमिक स्तर (कक्षा 11 और 12) की संबद्धता आगामी दो शैक्षणिक सत्रों (2026-27 और 2027-28) के लिए निरस्त ही रहेगी। स्कूल प्रबंधन को इन दो सत्रों की समाप्ति के बाद, वर्ष 2028-29 सत्र के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संबद्धता बहाली हेतु दोबारा आवेदन करना होगा। नए आदेश के तहत 1 अप्रैल 2026 से संबद्धता बहाल होने तक स्कूल कक्षा 11 में न तो कोई नया प्रवेश ले सकेगा और न ही अपने किसी विद्यार्थी को कक्षा 11 में प्रमोट कर सकेगा। वहीं, कक्षा 1 से 8वीं तक की मान्यता को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के अधीन है।

मौजूदा विद्यार्थियों के लिए क्या है राहत?

सीबीएसई के इस संशोधित आदेश से स्कूल में पढ़ रहे 8वीं, 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को अगले सत्र के लिए बड़ी राहत मिली है। मान्यता बहाल होने से अब 8वीं कक्षा के विद्यार्थी इसी स्कूल में 9वीं में और 9वीं के छात्र 10वीं कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। इसके अलावा, जो विद्यार्थी एक अप्रैल से कक्षा 12 में जाएंगे, उन्हें किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरित (Transfer) नहीं किया जाएगा और वे वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए नीरजा मोदी स्कूल में ही अपना अध्ययन जारी रख सकेंगे। हालांकि, इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को इसी स्कूल में 11वीं में प्रवेश नहीं मिल सकेगा।

बुलिंग रोकने में विफलता के बावजूद ‘खेद’ जताने पर मिली माफी

सीबीएसई ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से माना है कि स्कूल प्रबंधन परिसर में बच्चों के बीच बुलिंग (Bullying) और उत्पीड़न रोकने में पूरी तरह विफल रहा था। स्कूल ने 11 फरवरी को ईमेल के जरिए बोर्ड से व्यक्तिगत सुनवाई का अनुरोध किया था। इस सुनवाई के दौरान स्कूल अध्यक्ष सौरभ मोदी, हिंद मोदी और प्रिंसिपल इंदु दुबे ने दलील दी कि मान्यता समाप्त करने जैसी कठोर कार्रवाई से छात्र और शिक्षक प्रभावित होंगे। प्रबंधन ने यह भी सफाई दी कि कक्षाध्यापक ने उन्हें बुलिंग की जानकारी नहीं दी थी, और इस लापरवाही के लिए उस शिक्षक को हटा दिया गया है। आखिरकार प्रबंधन और प्रिंसिपल द्वारा अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए घटना पर ‘गहरा खेद’ प्रकट करने के बाद, बोर्ड ने छात्रहित में अपने फैसले में ढील दे दी।

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