जयपुर में अवैध कब्जों पर JDA का ‘वज्रपात’: 2 महीने में 233 करोड़ की 37 बीघा सरकारी जमीन कराई मुक्त, सोमवार से चलेगा विशेष अभियान

जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भ्रष्टाचार और अतिक्रमण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का पालन करते हुए सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ाने के लिए कमर कस ली है। आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बुधवार को प्रवर्तन शाखा की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि जेडीए सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में ज़ोन 10, 13, 14, 15, 16, 22, 23, 24 और 25 की कार्य प्रगति की समीक्षा की गई, जहाँ आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण की सूचना मिलते ही बिना किसी देरी के प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

37 बीघा जमीन से हटा कब्जा, भू-माफियाओं में हड़कंप

जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने पिछले दो महीनों (जनवरी और फरवरी 2026) के भीतर शानदार सफलता हासिल करते हुए कुल 37 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 233.40 करोड़ रुपये आंकी गई है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह में विभिन्न क्षेत्रों से 17 बीघा जमीन खाली करवाई गई, जिसका मूल्य 173.40 करोड़ रुपये है। वहीं, फरवरी के शुरुआती पखवाड़े में ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 60 करोड़ रुपये मूल्य की 20 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिससे अवैध कॉलोनी काटने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।

सोमवार से शुरू होगा ‘साप्ताहिक अभियान’

सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए जेडीए अब सोमवार से एक विशेष ‘साप्ताहिक अभियान’ शुरू करने जा रहा है। आयुक्त महाजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस अभियान के दौरान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा और वांछित तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। जेडीए का लक्ष्य राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जयपुर का सुनियोजित और अतिक्रमण मुक्त नगरीय विकास सुनिश्चित करना है।

जनभागीदारी के लिए जेडीए की अपील और हेल्पलाईन

आयुक्त ने जयपुर को सुंदर और नियोजित बनाने के लिए आमजन से भी सहयोग की अपील की है। नागरिक अवैध निर्माण या सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत जेडीए के 24×7 कंट्रोल रूम या डिजिटल पोर्टल्स पर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाईन नंबर 0141-2565800, 2575252, और 2575151 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, राजस्थान सम्पर्क पोर्टल (181) और ईमेल आईडी (enforcement.jda@rajasthan.gov.in) के माध्यम से भी शिकायतें दी जा सकती हैं। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त भागचंद बधाल, प्रतिभा पारीक और मुख्य प्रवर्तन नियंत्रक शिल्पा चौधरी सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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