जयपुर: जयपुर के निवासियों को जल्द ही एक आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सौगात मिलने जा रही है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) द्वारा शहर की सड़कों पर अप्रैल 2026 तक इलेक्ट्रिक बसें उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हाल ही में तीन दिनों तक चले दो इलेक्ट्रिक बसों के सफल ट्रायल के बाद अब प्रशासन को अगले 45 दिनों के भीतर 40 से 50 नई बसों की पहली खेप मिलने की पूरी उम्मीद है। इस ट्रायल के दौरान बसों की लोडिंग क्षमता, चार्जिंग एफिशिएंसी और शहर के व्यस्त मार्गों पर उनके संचालन की व्यावहारिक स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं।
पहले चरण में 150 बसें और टोडी-बगराना डिपो को प्राथमिकता
जेसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह ने जानकारी दी कि जयपुर में चरणबद्ध तरीके से कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनमें से पहली 40 से 50 बसें अप्रैल महीने तक सड़कों पर सक्रिय हो जाएंगी, जबकि शेष बसों की डिलीवरी अगले तीन महीनों के भीतर सुनिश्चित की जाएगी। ई-बसों के संचालन के लिए आधारभूत ढांचे की बात करें तो विद्याधर नगर स्थित टोडी मोड़ और आगरा रोड स्थित बगराना डिपो को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है। इन दोनों डिपो को ही ई-बसों का पहला सेट सौंपा जाएगा, क्योंकि ये वर्तमान में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग सुविधाओं से लैस हैं।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्कीम से मिला खरीद को बल
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की योजना पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय ही बन गई थी, लेकिन वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते यह प्रक्रिया करीब दो साल तक अटकी रही। वर्तमान में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्कीम’ के तहत राजस्थान के पांच प्रमुख शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का समझौता (MoU) हुआ है। इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत राजस्थान को कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की जानी हैं, जिससे न केवल जयपुर बल्कि अन्य शहरों की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आएगा। फिलहाल जेसीटीएसएल अपने अन्य डिपो को भी ई-बसों की हैंडलिंग के लिए तेजी से अपग्रेड कर रहा है।
