मनरेगा में ’20 कार्यों’ का नया नियम: एक पंचायत में एक साथ नहीं होंगे ज्यादा काम

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मनरेगा योजना के संचालन और बाड़मेर जिले में पिछले वर्षों में हुई भारी अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा नियमों के अनुसार, एक ग्राम पंचायत में एक साथ 20 से अधिक कार्यों की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इसी तकनीकी रोक के कारण बाड़मेर जिले में मनरेगा सॉफ्ट पोर्टल पर टांका निर्माण कार्यों के लिए मस्टर रोल जारी नहीं किए गए हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि जिले में पिछले कार्यों की पेंडेंसी 65 प्रतिशत से अधिक होने के कारण नए मस्टर रोल जारी करने में बाधा आ रही है, क्योंकि नियमों के तहत लंबित कार्यों के रहते नई स्वीकृति नहीं दी जाती।

बाड़मेर में 14,086 करोड़ रुपये की अनियमितता का पर्दाफाश

सदन में चर्चा के दौरान मंत्री मीणा ने पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय जांच दल द्वारा किए गए रैंडम भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बाड़मेर में 24,886 संपर्क सड़कों (ग्रेवल रोड) के कार्यों की जांच में लगभग 14,086 करोड़ 52 लाख रुपये का अनियमित भुगतान पाया गया है। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये का भुगतान होने के बावजूद धरातल पर कई कार्य मौजूद ही नहीं थे। इस दौरान कुल 5 लाख 8 हजार 30 व्यक्तिगत कार्यों का भी सत्यापन करवाया गया, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं।

टांका निर्माण को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्र का फैसला

प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक राहत भरी खबर देते हुए मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने अब मनरेगा की ‘फार्म पॉण्ड’ श्रेणी में टांका निर्माण की अनुमति दे दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संग्रहण के ढांचों को मजबूती मिलेगी। हालांकि, बाड़मेर जैसे जिलों में इन नए कार्यों का लाभ तभी मिल पाएगा जब पुरानी पेंडेंसी को कम किया जाएगा और पोर्टल पर कार्यों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर आएगी। मंत्री ने आश्वस्त किया कि वर्तमान में कार्यों की नई स्वीकृति पर कोई सामान्य रोक नहीं है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है।

मानव दिवस सृजन और कार्य स्वीकृतियों के ताजा आंकड़े

विधानसभा में रखे गए विवरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 फरवरी 2026 तक राज्य में 47,488 नए कार्यों की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। बाड़मेर जिले की बात करें तो जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 तक यहाँ 2,88,744 कार्य स्वीकृत किए गए थे, जबकि जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक 96,969 कार्यों को मंजूरी दी गई। रोजगार सृजन के मामले में वर्ष 2025-26 में अब तक 97,310 मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष 2023-24 (40,548 मानव दिवस) की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार पर लगाम कसते हुए वास्तविक श्रमिकों को लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।

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