जयपुर के भट्टा बस्ती में मस्जिद की जर्जर दीवार ढही: 11 घायल SMS ट्रॉमा सेंटर रेफर, एक वेंटिलेटर पर; प्रशासन अलर्ट

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र से शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जुमे की नमाज के दौरान एक मस्जिद की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में करीब 10-12 नमाजी मलबे की चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

नमाज के वक्त मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार की नमाज का समय था और मस्जिद में नमाजियों की भारी भीड़ मौजूद थी। नमाज अदा की जा रही थी, तभी मस्जिद की एक तरफ की दीवार अचानक ढह गई। दीवार के पास खड़े लोग सीधे भारी मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

कांवटिया से SMS ट्रॉमा सेंटर तक ‘इमरजेंसी’

हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी कांवटिया अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने 11 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एम्बुलेंस के जरिए तत्काल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉक्टर राजेंद्र मांड्या ने बताया कि अस्पताल में ‘इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई है और घायलों का इलाज युद्ध स्तर पर जारी है।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट, ICU में भर्ती मरीज

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • प्राचार्य के निर्देश: प्राचार्य डॉक्टर दीपक माहेश्वरी ने सूचना मिलते ही वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम को मौके पर तैनात रहने और बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
  • वेंटिलेटर पर एक मरीज: घायलों में से एक नमाजी की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिसे तत्काल वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है।
  • इमरजेंसी और ICU: वर्तमान में 10 अन्य मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से दो की स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है।

भट्टा बस्ती में भारी पुलिस बल तैनात

हादसे के बाद इलाके में किसी भी प्रकार का तनाव न फैले और राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की गहनता से जांच करेगा कि क्या मस्जिद के रखरखाव में कोई लापरवाही बरती गई थी।

जर्जर इमारतों पर उठते सवाल

जयपुर के पुराने इलाकों और परकोटे में कई ऐसी पुरानी इमारतें हैं जिनकी दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। यह हादसा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट समय रहते किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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