जयपुर में ‘पावर मीटिंग’: सीएम भजनलाल और बी.एल. संतोष के बीच अहम मंथन; सरकार और संगठन के तालमेल पर हुई चर्चा!

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास (CMR) पर सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया, जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नए साल की शुरुआत में हुई संगठन और सत्ता के शीर्ष नेताओं की इस ‘तिगड़ी’ की बैठक के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

सीएमआर में गर्मजोशी से स्वागत, बंद कमरे में मंत्रणा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बी.एल. संतोष के मुख्यमंत्री निवास पहुंचने पर सीएम भजनलाल शर्मा ने उनका शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया। इसे एक ‘सौजन्य भेंट’ बताया गया है। हालाँकि, सूत्रों का कहना है कि स्वागत सत्कार के बाद तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी मंत्रणा हुई, जो केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं थी।

बैठक के मायने: ‘मिशन मोड’ में सरकार और संगठन राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर खासी चर्चा है। बी.एल. संतोष को भाजपा संगठन का ‘चाणक्य’ माना जाता है और उनका किसी राज्य का दौरा हमेशा रणनीतिक महत्व रखता है।

ताज़ा अपडेट्स और संभावित चर्चा के बिंदु:

  1. सरकार के कामकाज की समीक्षा: सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भजनलाल सरकार के अब तक के कार्यकाल और प्रदर्शन का ‘फीडबैक’ लिया गया। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को राज्य में धरातल पर उतारने की गति और जनता के बीच उनके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा हुई।
  2. सत्ता और संगठन में समन्वय (Coordination): प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि बैठक का मुख्य एजेंडा ‘सरकार और संगठन’ के बीच बेहतर तालमेल बिठाना था। अक्सर सत्ता में आने के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी की खबरें आती हैं; माना जा रहा है कि संतोष ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कार्यकर्ताओं की सुनवाई हो और सरकार व संगठन एक सुर में काम करें।
  3. भावी रणनीति पर मंथन: नए साल 2026 में पार्टी की दिशा और दशा क्या होगी, इस पर रणनीतिक खाका खींचा गया। संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत और सक्रिय करने के लिए मदन राठौड़ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
  4. अनुशासन और संदेश: बी.एल. संतोष अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी यह बैठक पार्टी नेताओं और मंत्रियों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि परफॉरमेंस ही सर्वोपरि है और संगठन में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बी.एल. संतोष और मदन राठौड़ की यह बैठक राजस्थान भाजपा के लिए एक ‘बूस्टर डोज़’ की तरह देखी जा रही है। इस मैराथन मंथन के बाद आने वाले दिनों में सरकार और संगठन दोनों ही नए तेवरों के साथ एक्शन मोड में नजर आ सकते हैं।

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