चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी: दौसा से पहले हुआ ‘चमत्कार’, नर्स और यात्रियों ने दिखाई इंसानियत, महिला ने दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म

Train Baby Born News: जयपुर से अलवर जा रही भुज-बरेली एक्सप्रेस में दौसा से पहले एक गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। नर्स ममता मीणा और संजय बंदेला बने 'फरिश्ते'। पढ़ें इंसानियत की यह शानदार कहानी।

Ravindar Nagar

दौसा, अलवर –अक्सर कहा जाता है कि मुसीबत बताकर नहीं आती, लेकिन जब मुसीबत के समय इंसानियत खड़ी हो जाए, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। सोमवार सुबह जयपुर-अलवर रूट पर दौड़ती भुज-बरेली एक्सप्रेस (Bhuj-Bareilly Express) में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब एक गर्भवती महिला की मदद के लिए पूरा डिब्बा ‘परिवार’ बन गया।

दौसा स्टेशन आने से ठीक पहले ट्रेन में एक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सूझबूझ और तत्परता से चलती ट्रेन में ही सफल डिलीवरी कराई गई और एक स्वस्थ बच्ची (लक्ष्मी) का जन्म हुआ।

सुबह 8:45 बजे शुरू हुई बेचैनी

घटना सोमवार सुबह करीब 8:45 बजे की है। ट्रेन जयपुर से अलवर की ओर जा रही थी। दौसा स्टेशन आने में अभी वक्त था कि अचानक एक गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा (Labor Pain) शुरू हो गई। महिला दर्द से कराहने लगी और कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यात्रियों के बीच से निकले ‘फरिश्ते’

इस नाजुक स्थिति में कोच में मौजूद यात्री देवदूत बनकर सामने आए।

  • नर्स ममता मीणा: संयोग से उसी कोच में दौसा के महुवा सीएचसी (Maha CHC) की नर्स ममता मीणा सफर कर रही थीं। उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला।
  • संजय बंदेला: कृषि विभाग के कर्मचारी संजय बंदेला ने भी तत्परता दिखाई और व्यवस्था बनाने में जुट गए।
  • टीटी रमेश बैरवा: ट्रेन टिकट परीक्षक (TT) रमेश बैरवा ने भीड़ को हटाया और जरूरी मदद मुहैया कराई।

नर्स ममता मीणा ने बिना समय गंवाए अन्य महिलाओं की मदद से डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी। सीमित संसाधनों और ट्रेन के झटकों के बीच, पूरी सावधानी के साथ प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में कोच नन्ही बच्ची की किलकारी से गूंज उठा।

इंसानियत का जश्न: शगुन और आशीर्वाद

बच्ची के जन्म लेते ही कोच में मौजूद यात्रियों के चेहरे खिल उठे। लोगों ने राहत की सांस ली और इंसानियत की मिसाल पेश की।

  • यात्रियों ने न केवल टीम की सराहना की, बल्कि नवजात बच्ची को आशीर्वाद दिया और आर्थिक सहायता (शगुन) भी भेंट की।
  • ट्रेन जैसे ही दौसा रेलवे स्टेशन पहुंची, वहां पहले से सूचना दे दी गई थी। एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैयार थी। जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित उतारकर दौसा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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