खम्मा घणी 2 शब्दों का मेल है खमा ( क्षमा) और घणी (बहुत अधिक)। सुनने वाले को हम यह कह रहे हैं कि आप बहुत सारी गलतियों को माफ कर देते हैं । यह शब्द राजाओं के लिए प्रयुक्त होता था, जिनकी प्रशंसा के लिए नए नए शब्द गढ़े जाते थे । बाद में यह शब्द बोलचाल की भाषा में आ गया क्योंकि आम आदमी को जब हम इतना सम्मान देते हैं तो उसे बहुत अच्छा लगता है। खमा पर अधिक जोर देने के कारण समय के साथ यह खम्मा हो गया।
यह भी पढ़ें
- More News:
- Rashtriya Swayamsevak Sangh
- RSS 100 Years
- RSS@100
- Rajasthan
- Mohan Bhagwat
- Jaipur
- Journalism
- Narendra Modi
- Media Laws and Ethics
- Rang Rajasthani
- Hardik Shubhkamnaye
- Jaipur News
- Hindu Festival
- Rajasthan Tourism
- Jaipur Market
- Dr. Keshav Baliram Hedgewar
- Panch Parivartan
- Ramganjmandi News
- India
- Bhajan Lal Sharma
