कोटा: भारतीय रेलवे (Indian Railways) के इतिहास में साल 2025 का आखिरी दिन एक नई उपलब्धि के नाम रहा। बुधवार को कोटा-नागदा सेक्शन (Kota-Nagda Section) पर देश की बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) का फाइनल स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जांची रफ्तार इस ट्रायल का निरीक्षण स्वयं रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS – Commissioner of Railway Safety) ने किया। उनके नेतृत्व में ट्रेन को पटरियों पर 180 किलोमीटर प्रति घंटा (180 kmph) की तूफानी रफ्तार से दौड़ाया गया। यह ट्रायल ट्रेन की सुरक्षा मानकों, ब्रेकिंग सिस्टम और ट्रैक के साथ तालमेल को परखने के लिए किया गया था, जिसमें ट्रेन पूरी तरह खरी उतरी है।


180 की स्पीड और मेज पर रखा पानी का गिलास! इस हाई-स्पीड ट्रायल का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा इसका ‘वॉटर टेस्ट’ (Water Test)।
- क्या है वॉटर टेस्ट? यह टेस्ट ट्रेन की स्थिरता (Stability) और जर्क-फ्री (Jerk-free) यात्रा को परखने का सबसे नायाब तरीका है।
- परिणाम: अधिकारियों ने चलती ट्रेन में टेबल पर पानी से लबालब भरा एक गिलास रखा। जब ट्रेन 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी, तब भी गिलास से पानी की एक बूंद भी नहीं छलकी।
यह परीक्षण साबित करता है कि नई जनरेशन की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सस्पेंशन सिस्टम और ट्रैक अलाइनमेंट विश्वस्तरीय है। यात्रियों को इसमें झटके महसूस नहीं होंगे और सफर बेहद आरामदायक होगा।
राजधानी एक्सप्रेस का आधुनिक विकल्प वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्राओं के लिए तैयार किया गया है और इसे राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) का आधुनिक विकल्प माना जा रहा है।
- सुविधाएं: यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसमें विश्वस्तरीय सुरक्षा कवच प्रणाली, स्वचालित दरवाजे, सेंसर आधारित लाइटिंग और शानदार इंटीरियर है।
- रूट: कोटा-नागदा सेक्शन पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) का प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जहाँ अक्सर ऐसी ट्रेनों का परीक्षण किया जाता है।
जल्द शुरू होगा संचालन CRS की हरी झंडी मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल 2026 की शुरुआत में ही देशवासियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। यह ट्रेन लंबी दूरी के सफर के समय को काफी कम कर देगी।
