Republic Day Parade 2026: इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर न केवल भारतीय सेना के टैंक और मिसाइलें गरजेंगी, बल्कि आसमान में सेना के ‘उड़ते हुए प्रहरियों’ का भी दम देखने को मिलेगा। भारतीय सेना इस बार अपने चार विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘इलीट रैप्टर पक्षियों’ (Elite Raptor Birds) को दुनिया के सामने पेश करने जा रही है। ये शिकारी पक्षी आधुनिक युद्धनीति में एक गेम चेंजर साबित हो रहे हैं, जो तकनीक और प्रकृति के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण हैं।
सिर पर कैमरा, पैनी नजर
परेड में शामिल होने वाले इन चार रैप्टर्स की सबसे बड़ी खासियत इनकी हाई-टेक निगरानी क्षमता है। इन पक्षियों के सिर पर बेहद छोटे और हल्के कैमरे (Head-Mounted Cameras) लगाए गए हैं। ये कैमरे रियल टाइम में वीडियो और तस्वीरें भेजने में सक्षम हैं। सेना इनका इस्तेमाल दुश्मन की टोह लेने और दुर्गम इलाकों में निगरानी (Surveillance) करने के लिए करती है। जहाँ सैनिक या बड़े ड्रोन आसानी से पकड़ में आ सकते हैं, वहाँ ये पक्षी बिना किसी शक के दुश्मन के खेमे की जासूसी कर सकते हैं।
हवा में ही ड्रोन का काम तमाम
आज के दौर में छोटे ड्रोन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। इन इलीट रैप्टर्स को विशेष तौर पर ‘एंटी-ड्रोन मिशन’ के लिए तैयार किया गया है। इनकी ट्रेनिंग इस तरह से हुई है कि ये हवा में उड़ते हुए बेहद छोटे दुश्मन ड्रोन (Hostile Drones) को पहचानकर उन पर हमला कर सकते हैं। अपने मजबूत पंजों से ये पक्षी ड्रोन को हवा में ही दबोचकर नीचे गिरा देते हैं या उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं।
सुरक्षा का नया और अचूक कवच
इन शिकारी पक्षियों का परेड में शामिल होना यह दर्शाता है कि भारतीय सेना खतरों से निपटने के लिए हर संभव तरीका अपना रही है। ये रैप्टर्स न केवल दुश्मन की टोह लेते हैं बल्कि बॉर्डर या संवेदनशील इलाकों में उड़ने वाले जासूसी ड्रोनों के लिए ‘काल’ समान हैं। कर्तव्य पथ पर जब ये 4 इलीट पक्षी अपने प्रशिक्षकों के साथ कदमताल करेंगे, तो यह दृश्य भारतीय सेना की बदलती और आधुनिक सोच का प्रतीक होगा।
