भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट 2026 में राजस्थान सरकार का ‘एआई पवेलियन’ चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस’ की थीम पर आधारित इस समिट में राजस्थान ने अपने तकनीकी नवाचारों और स्टार्टअप्स के जरिए दुनिया को दिखाया है कि कैसे एआई शासन व्यवस्था को बदल सकता है।
कमिश्नर हिमांशु गुप्ता ने किया दौरा, स्टार्टअप्स का बढ़ाया उत्साह
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने मंगलवार को पवेलियन का दौरा कर युवाओं और निवेशकों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि पवेलियन में लगभग 20 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें सरकारी पहलों के साथ-साथ ‘आईस्टार्ट’ (iStart) पंजीकृत स्टार्टअप्स को रोटेशन के आधार पर भागीदारी का मौका दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा उद्यमियों को वैश्विक मंच मिल सके।

पवेलियन के प्रमुख आकर्षण: राज GPT और राजकिसान
पवेलियन में प्रदर्शित तकनीकी प्रणालियां दर्शकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं:
- राज GPT: निवेशकों के लिए तैयार किया गया यह सिस्टम भूमि प्रक्रिया, प्रोत्साहन और अनुमोदन संबंधी हर सवाल का जवाब एआई के जरिए देता है।
- राजकिसान: इसके माध्यम से एआई आधारित फसल स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रदर्शन किया गया, जो किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित हो रहा है।
- SMART प्रणाली: नागरिक प्रोफाइलिंग और सरकारी योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इसे प्रदर्शित किया गया।
- जन आधार: डेटा-संचालित लक्षित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को एआई के जरिए कैसे और बेहतर बनाया गया है, इसकी झलक यहाँ देखने को मिली।
भविष्य की रूपरेखा: तीन प्रमुख नीतियां प्रदर्शित
राजस्थान सरकार ने समिट में अपनी दूरदर्शी नीतियों को भी दुनिया के सामने रखा, जो प्रदेश को ‘टेक-हब’ बनाने की दिशा में अहम हैं:
- राजस्थान एआई/एमएल पॉलिसी 2026
- राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी
- राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर (AVGC-XR) पॉलिसी
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का यह ‘एआई पवेलियन’ न केवल राज्य के तकनीकी प्रयासों को गति दे रहा है, बल्कि वैश्विक निवेशकों को राजस्थान की ओर आकर्षित करने में भी सफल साबित हो रहा है。
