पुदुचेरी(पांडिचेरी) विलय दिवस – Pondicherry Day in Hindi

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पुदुचेरी/नई दिल्ली: पूरा भारत जहाँ 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा होता है, वहीं दक्षिण भारत का एक खूबसूरत तटीय केंद्रशासित प्रदेश ‘पुदुचेरी’ (पूर्व में पांडिचेरी) अपनी आजादी और भारत में विलय का जश्न 16 अगस्त को भी मनाता है।

इतिहास के पन्नों में 16 अगस्त, 1962 की तारीख पुदुचेरी के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। यही वह ऐतिहासिक दिन था जब फ्रांसीसी संसद द्वारा भारत के साथ हुई संधि को मंजूरी देने के बाद, आधिकारिक और कानूनी तौर पर (De Jure Transfer) पुदुचेरी का भारत गणराज्य में विलय हुआ। इसलिए हर साल 16 अगस्त को ‘पुदुचेरी विलय दिवस’ (Pondicherry Merger Day) के रूप में मनाया जाता है।

फ्रांसीसी हुकूमत से भारत का हिस्सा बनने तक का सफर बहुत कम लोग जानते हैं कि जब 1947 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी, तब भी पुदुचेरी आजाद नहीं था। यह क्षेत्र फ्रांस के अधीन था और यहाँ फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन चलता था। लंबे संघर्ष और कूटनीतिक प्रयासों के बाद, 1 नवंबर 1954 को वास्तव में (De Facto) इसका प्रशासन भारत को सौंपा गया, लेकिन कानूनी रूप से विलय की प्रक्रिया पूरी होने में कई साल लग गए। अंततः 16 अगस्त 1962 को दस्तावेजों पर मुहर लगी और पुदुचेरी पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग बन गया।

आज भी जिंदा है ‘फ्रेंच’ विरासत पुदुचेरी के भारत में विलय के दशकों बाद भी यहाँ की हवाओं में फ्रांसीसी संस्कृति की महक महसूस की जा सकती है।

  • राजकीय भाषा: भारत के साथ जुड़ने के बावजूद, यहाँ की सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित रखा गया है। आज भी फ्रेंच (French) यहाँ की राजकीय भाषाओं में से एक है।
  • आर्किटेक्चर: यहाँ के ‘व्हाइट टाउन’ इलाके की इमारतें, सड़कें और कैफे आज भी फ्रांस के किसी छोटे शहर की याद दिलाते हैं।

अनोखा भूगोल: एक राज्य, अलग-अलग हिस्से पुदुचेरी की भौगोलिक स्थिति भारत के अन्य राज्यों से काफी अलग और दिलचस्प है। यह मुख्य रूप से तमिलनाडु से लगा हुआ राज्य है, लेकिन इसके जिले एक-दूसरे से काफी दूर स्थित हैं:

  1. पुदुचेरी और कराईकल: ये तमिलनाडु की सीमा से लगे हुए हैं।
  2. माहे (Mahe): यह केरल के तट पर स्थित है।
  3. यनम (Yanam): यह आंध्र प्रदेश के तट के पास स्थित है।

इन अलग-अलग हिस्सों के बावजूद, प्रशासनिक रूप से ये सभी ‘पुदुचेरी केंद्रशासित प्रदेश’ का ही हिस्सा हैं। 16 अगस्त का दिन इन सभी क्षेत्रों के लिए भारतीय राष्ट्रवाद और एकता के उत्सव का दिन है।

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