जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026 (NSIL-2026) का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो न केवल रोजगार दे, बल्कि युवाओं के चरित्र का निर्माण भी करे।

वेदों के ज्ञान के साथ AI की समझ जरूरी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युग में ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हो। उन्होंने एक नया दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि युवाओं के पास वेदों के ज्ञान के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की समझ, संस्कृत के श्लोकों के साथ कोडिंग की भाषा और योग के साथ रोबोटिक्स व नैनो टेक्नोलॉजी का ज्ञान होना चाहिए।
‘जयपुर डिक्लरेशन’ तय करेगा भविष्य की दिशा
इस समागम में देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कुलगुरु, डीन और शीर्ष नेतृत्व जुटकर नई शिक्षा नीति (NEP), संस्थागत विकास और नवाचार जैसे विषयों पर मंथन कर रहे हैं। समागम के समापन पर ‘जयपुर डिक्लरेशन’ जारी किया जाएगा। यह दस्तावेज उच्च शिक्षा के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक चार्टर माना जा रहा है।

विकसित भारत 2047 और युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही कौशल और मार्गदर्शन देकर इस ताकत का उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किया जाना चाहिए।
